दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपीएलए कोर्ट ने तीन दिन पहले सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को सात साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने उनको जेल भेजने के आदेश कर दिए थे,जिसके बाद पुलिस ने उनको रामपुर जेल में भेजा था।
सीतापुर जेल से सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम का पुराना नाता रहा है। वह यहां करीब ढाई साल तक सीतापुर जेल में रह चुके हैं। सपा नेता आजम खां ने अपने परिवार समेत 26 फरवरी 2020 को गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद कोर्ट में सरेंडर किया था।
उनके साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां और पत्नी डा.तजीन फात्मा भी रही थीं। तीनों को उस वक्त सीतापुर में जेल में रखा गया था। करीब ढाई साल पहले अब्दु्ल्ला आजम सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। इससे पहले उनकी मां तजीन फात्मा रिहा हुई थीं। साथ ही सबसे बाद में 27 माह बाद सपा नेता आजम खां जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। सीतापुर जेल अब्दुल्ला के लिए पुरानी है।
सपा नेता आजम खां पहली दफा हरदोई की जेल में रहेंगे। उनका इस जेल से कोई नाता नहीं है। शासन के फैसले के बाद अब उन्हें हरदोई की जेल में रखा जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
रामपुर जेल में अपने पति और बेटे के साथ रह रहीं डा.तजीन फात्मा अब अपने पति और बेटे से दूर हो जाएंगी। शासन ने उनको रामपुर की जेल में ही रखने का फैसला लिया है।
दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में जिला कारागार में बंद सपा नेता आजम खां के बड़े बेटे अदीब आजम शनिवार को जेल पहुंचे। उन्होंने अपने पिता आजम खां, मां तजीन फात्मा और भाई अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मां को गले लगाया। साथ ही उनका हाल भी जाना।
करीब 45 मिनट तक चली मुलाकात के दौरान वह कई बार भावुक भी हुए। कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद तीनों जिला कारागार में बंद हैं। आजम व अब्दुल्ला एक साथ बैरक में हैं,जबकि तजीन फात्मा महिला बैरक में है। अलग थलग पड़ी तजीन फात्मा और आजम खां का स्वास्थ्य परीक्षण भी लगातार किया जा रहा है।
शनिवार को आजम के बड़े बेटे अदीब आजम मुलाकात करने के लिए दोपहर के वक्त जेल पहुंचे। सूत्रों के अनुसार वह यहां करीब 45 मिनट तक रुके और इस दौरान उन्होंने जेल में अपने पिता, मां और भाई से मुलाकात की। इस दौरान वह मां के गले लगे और भावुक भी हो गए।
पिता ने भी उनको दुलार किया। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की। मुलाकात के दौरान काफी देर तक उनकी बातचीत होती रही। 45 मिनट की मुलाकात के बाद अदीब वापस चले आए,जबकि तीनों लोग वापस बैरक में चले गए।
जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य का कहना है कि जेल में अभी तक सिर्फ अदीब ही मिले हैं। बाकी कोई मिलने नहीं आया है। उनके मुताबिक तीनों ही लोग अब स्वस्थ हैं।