नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप सिद्ध होने पर अतिरिक्त सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी मेहर सिंह निवासी रामपुर, जिला शिमला को नाबालिग को भगाने और शारीरिक संबंध बनाने के जुर्म में 20 वर्ष का सशक्त कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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विशेष अभियोजक कमल चंदेल ने बताया कि वर्ष 2020 में मेहर सिंह (26) पीड़िता से फोन पर संपर्क कर बहला फुसलाकर अपने घर ले गया। पीड़िता की उम्र उस समय 14 वर्ष थी। कुछ समय घर में रखने के बाद उसे तंग करने लगा।
पीड़िता को यह कहकर उसके माता-पिता के पास छोड़ा कि वह उसे ले जाएगा, लेकिन वह वापस नहीं आया। पीड़िता और उसकी माता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना झाकड़ी में मुकदमा दर्ज करवाया। सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी विशेष अभियोजक कमल चंदेल, एनएस चौहान और केएस जरयाल ने की।