उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा है कि देश के बादशाह का कोई धर्म नहीं होता, वो हर धर्म तथा समाज को मानने वाला होता है, लेकिन हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री सिर्फ एक धर्म के हैं वह एक धर्म का नारा लगाते हैं। ऐसा लगता है कि राजनीति के मैदान में वो अकेले ऐसे सेक्युलर हिंदुस्तान के वजीर-ए-आजम हैं।
टांडा के कसिया कुंडा में आयोजित एक सभा में कैबिनेट मंत्री आजम खां ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लखनऊ में रामलीला मैदान में रावण दहन के दौरान जय श्री राम का नारा लगाया था, जोकि एक धर्म का होने का साफ संकेत देता है।
आजम ने केंद्र सरकार द्वारा 500 तथा 1000 के नोटबंदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने अपने खास उद्योगपतियों को पहले अपने फैसले की जानकारी देकर नोट बदलवा दिए। इसके बाद एकाएक फैसला लेकर आम जनता को परेशान होने के लिए छोड़ दिया।
लोग अपने पैसे लेने के लिए ही अपनी जिंदगी दांव पर लगा कर बैंकों की लाइनों में लगे हैं। औरतें आत्महत्या कर रही हैं और बच्चे इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। लेकिन सरकार अपना फैसला वापस लेने के लिए तैयार नहीं है।