साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल समेत 20-25 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कोर्ट ने 11 मार्च को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। शनिवार को इस मामले में वादी के बयान दर्ज किए गए है। अब अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।
यतीमखाना प्रकरण में मुकदमे के वादी ने कोर्ट में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। गवाह की मुख्य परीक्षा पूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।
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साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्ति आरोपी हैं। आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी तक के आरोप लगे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। कोर्ट ने 11 मार्च को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे।
इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। जिसमें शनिवार को गवाही के लिए तारीख निर्धारित थी। मुकदमे के वादी मोहम्मद कमर उर्फ पप्पू निवासी मोहल्ला सराय गेट ने कोर्ट में गवाही दी। उनकी गवाही पूरी नहीं हो सकी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बताया कि गवाह की मुख्य परीक्षा पूरी नहीं हो सकी है। इस दौरान कोर्ट की प्रक्रिया से सपा नेता आजम खां को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़ना था लेकिन, वो जुड़ नहीं सके। अब इस मामले में 11 अप्रैल को सुनवाई होगी।