पनवड़िया रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज का निर्माण में अड़ंगा फंस गया है। लेकिन लोक निर्माण विभाग पनवड़िया में टूटी बरेली रोड को गड्ढामुक्त नहीं कर रहा है। प्रतिदिन स्कूल जाने वाले पांच हजार बच्चों को ढोने वाली बसें हिचकोले लेकर गुजरती हैं, बच्चे रोजाना डरकर सफर करते हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
पनवड़िया रेलवे क्रासिंग का काम चलने के कारण बरेली रोड की मरम्मत लोक निर्माण विभाग नहीं करा रहा है। योगी सरकार ने भले ही गड्डा भरने के आदेश कर दिए हैं, लेकिन रामपुर में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर इन आदेशों का कोई असर नहीं है। गड्ढा नहीं भरने से सबसे ज्यादा खतरे में स्कूली बच्चे हैं। शहर के अधिकांश निजी स्कूल इसी रोड पर हैं।
सेंटपाल, मोदी एकेडमी, सनवे, ईस्टवेस्ट, व्हाइट हाल स्कूल के करीब पांच हजार बच्चे हर रोज इस टूटी सड़क पर होकर गुजरते हैं। बच्चों से भरी बसें हिचकोले खाकर गुजरती हैं, तो बच्चों की सांसें खिंच जाती हैं। बच्चे डर जाते हैं। पिछले तीन साल से टूटी हुई सड़क को लोनिवि के अधिकारी नहीं बनवा रहे हैं। सड़क नहीं बनने से कभी भी हादसा हो सकता है। हैवी ट्रैफिक इसी रोड से होकर गुजरता है। कोई भी वाहन कभी भी पलटा तो बच्चों के छोटे वाहन रिक्शा, आटो या वैन को चपेट में ले सकता है। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।