मनरेगा में लाखों का घपला करने वाले प्रधान पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। खंड विकास अधिकारियों को रिकवरी के लिए ब्लाकवार प्रधानों की सूची भेजी गई है। कई महीने पहले सोशल आडिट में कई प्रधानों का लाखों रुपये का गबन पकड़ा गया था। अभी तक प्रधानों से रिकवरी नहीं हो सकी है।
शासन ने मनरेगा और इंदिरा आवासों का सोशल आडिट कराया था। आडिट में भारी गड़बड़ी पकड़ में आई थी। कई प्रधान लाखों के गबन के दोषी पाए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रधानों से रिकवरी के कई बार आदेश कर चुके हैं। अभी तक किसी भी आदेश का पालन नहीं किया गया है।
संबंधित कर्मचारियों के भी खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के बाद प्रधानों का चुनाव होना है। प्रधान पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मनरेगा के गबन में फंसे प्रधानों से रिकवरी के आदेश फिर जारी किए गए हैं। खंड विकास अधिकारियों को ऐसे प्रधानों की सूची भेजी गई है।
इनमें स्वार के नौ, बिलासपुर के चार, मिलक के चार, सैदनगर, शाहबाद और चमरौवा के दो-दो प्रधान शामिल हैं। अगर इन प्रधानों ने गबन का पैसा जमा नहीं किया तो वे प्रधान ही नहीं ग्राम पंचायत सदस्य पद का भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।