जिला पंचायत सदस्य मो. एसहान बसपा छोड़ने का एलान कर दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भेज दिया है। एहसान ने चमरौआ से बसपा के विधायक यूसुफ अली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी छोड़ने की वजह भी उनको बताया है। वहीं, यूसुफ अली ने एहसान के इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
उन्होंने कहा कि एहसान को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। मो. एहसान का आरोप है कि विधायक यूसुफ अली उत्पीड़न से तंग आकर वो पार्टी छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। उनका आरोप है कि विधायक उन पर दबाव बना रहे थे कि वो जिला पंचायत का चुनाव न लड़ें।
विधायक के दबाव में ही उनकी पत्नी बसपा समर्थित उम्मीदवार नहीं बनाया गया। दूसरी ओर विधायक यूसुफ अली का कहना है कि एहसान के आरोप बेबुनियाद हैं। वो पार्टी की नीतियों के खिलाफ चल रहे थे, उनको पार्टी से निकाल दिया गया है।
जिला पंचायत चुनावों के दौरान प्रत्याशियों को समर्थन पार्टी पदाधिकारियों के समर्थन के बाद दिया गया है। इसमें किसी एक व्यक्ति की भूमिका नहीं है। जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह रवि ने मंगलवार की रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मो. एहसान को पार्टी विरोधी गतिविधियों में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।