स्वार। सीएचसी के जननी सुरक्षा केंद्र से नवजात गायब होने का वास्तविक मामला दो बहनों के बीच नवजात के गोद दिए जाने का था, लेकिन बाद में बहन मुकर गई। नवजात कथित तौर पर गायब होने के मामले में प्रसूता की शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आ गई। उसने नवजात शिशु को अपने साथ ले जाने वाली प्रसूता की बहन समेत परिजनों को बुधवार देर शाम कोतवाली बुला लिया। करीब दो घंटे चली पंचायत के बाद नवजात शिशु को उसकी मां जूबी के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे को मिलते ही मां ने उसे सीने से लगाकर दुलारा, जबकि कथित गोद लेने में नाकाम नवजात की खाला मायूस होकर घर चली गई।
बता दें कि तहसील ठाकुरद्वारा के मोहल्ला फतेहुल्लाहगंज निवासी जूबी पत्नी मोनिश रजा को प्रसव पीड़ा होने पर 30 जनवरी को स्वार में भर्ती कराया गया था। प्रसव के समय प्रसूता की मां शाहजहां और बहन अंजुम पत्नी शाहनवाज उसके साथ मौजूद थीं। बताया जाता है कि 31 जनवरी को जूबी ने एक बेटे को जन्म दिया।
आरोप है कि सीएचसी की एक स्टाफ नर्स से सांठगांठ कर प्रसूता की बहन ने रजिस्टर में मां जूबी की जगह अपना नाम अंजुम दर्ज करा लिया और नवजात शिशु को अपने साथ ले गई। बाद में जानकारी होने पर पीड़िता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर नवजात शिशु को वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों को बुधवार रात कोतवाली बुलाया, जहां करीब दो घंटे तक पंचायत चली। इस दौरान प्रसूता की बहन अंजुम का कहना था कि उसकी बहन जूबी ने प्रसव से पहले ही होने वाले बच्चे को उसे गोद देने का वादा किया था, इसलिए वह नवजात को अपने साथ ले गई थी। बताते हैं कि उसकी स्वयं की कोई संतान नहीं है। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया और नवजात शिशु को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।
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स्टाफ की भूमिका संदिग्ध
नवजात को बिना उसकी मां और पिता के बताए आखिर जननी सुरक्षा केंद्र के स्टाफ ने नवजात उसकी खाला को सौंप दिया। इतना ही नहीं इसके लिए बाकायदा अभिलेखों में हेरफेर की गई यानि नवजात की मां जूबी की जगह अंजुम का नाम लिख दिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव चंदेल ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। वापस आने के बाद इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।