रामपुर। सपा नेता आजम खां द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दर्ज मुकदमे में वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी एडीओ ने चार मार्च को कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए थे। उनकी मुख्य परीक्षा पूरी हो गई थी। जिस पर सोमवार को गवाह से जिरह होनी थी, लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में जिरह के लिए कोई उपस्थित नहीं हुआ, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जिरह का अवसर समाप्त कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई सात मई को होगी।
वर्ष 2019 में सपा नेता आजम खां गठबंधन के लोकसभा प्रत्याशी थे। उन पर आरोप है कि सात अप्रैल 2019 को मिलक कोतवाली क्षेत्र के नगरिया गांव में प्रचार के दौरान उनके द्वारा दो वर्गों में वैमनस्यता पैदा करने के उद्देश्य से भड़काऊ भाषण दिया। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। जिस पर मिलक विधानसभा क्षेत्र के वीडियो अवलोकन टीम प्रभारी अनिल कुुमार चौहान ने मिलक थाने में नौ अप्रैल को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में सपा नेता आजम खां की जमानत कोर्ट द्वारा मंजूर की जा चुकी है और 12 नवंबर 2021 को कोर्ट ने उनके ऊपर आरोप तय कर दिए थे।
सोमवार को इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में हुई। इस दौरान गवाह अनिल कुमार चौहान गवाही के लिए उपस्थित हुए, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में कोई उपस्थित नहीं हुआ। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जिरह का अवसर समाप्त करते हुए सुनवाई के लिए सात मई की तारीख तय की है।