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50 हजार के इनामी हत्यारोपी की पुलिस के साथ मुठभेड़, हत्यारोपी के दाएं पैर में लगी गोली

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रामपुर। हिस्ट्रीशीटर संदीप सिंह उर्फ दीपू मंड की हत्या के आरोपी बदमाश की बुधवार की रात को पुलिस से मुठभेड़ हो गई। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में गोली आरोपी कृष्ण प्रकाश उर्फ लल्ला यादव के दाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर सड़क पर गिर गया। पुलिस ने उसको पकड़कर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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बुधवार की रात को स्वार और एसओजी की टीम पुरेनिया गांव के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मीरापुर की ओर जाने वाली सड़क से एक बाइक आती दिखाई दी। पुलिस ने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और बाइक लेकर भागने लगा। इस दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो बाइक सवार के दाएं पैर में गोली लग गई और बाइक सहित सड़क पर ही गिर गया। सड़क पर गिरते ही पुलिस ने घायल बाइक सवार हत्यारोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने घायल हत्यारोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। स्वार थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार के अनुसार पुलिस मुठभेड़ में घायल बाइक सवार कृष्ण प्रकाश यादव उर्फ लल्ला यादव है, जो कि 50 हजार का इनामी है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बिलासपुर में हत्या को अंजाम दिया था। इसके पास से तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं।
नैनीताल हाईवे स्थित एक रिसोर्ट के पास रेलवे फाटक पर कौशलगंज के बलराज उर्फ बल्लू, गायत्री इंटरप्राइजेज के मालिक राम प्रकाश यादव, कृष्ण प्रकाश उर्फ लल्ला यादव, प्रिंस यादव, विपिन यादव, संजीव मौर्य ने हिस्ट्रीशीटर संदीप सिंह उर्फ दीपू मंड की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिंह कॉलोनी निवासी स्वर्गीय बलदेव सिंह की पत्नी चरणजीत कौर ने 17 अप्रैल की दोपहर करीब 11 बजे अपने पुत्र संदीप सिंह उर्फ दीपू मंड (28) के साथ बाइक पर बैठकर रुद्रपुर जा रही थीं। उनके पीछे दूसरी बाइक पर उसके रिश्तेदार जगजीत सिंह और जसवीर कौर भी थे। वह नैनीताल हाईवे स्थित एक रिसोर्ट के पास रेलवे फाटक पर पहुंचीं तो वहां मोटर साइकिल की किस्त जमा न होने पर बदमाशों ने जबरदस्ती उनके पुत्र को रोक लिया। वो लोग उसकी बाइक छीनने का प्रयास करने लगे, जिसका दीपू ने विरोध किया। इस दौरान उसने सभी लोगों को समझाने का प्रयास किया क्योंकि, वह सभी लोग दीपू के पुराने मित्र भी थे। लल्ला और प्रिंस के तमंचे की निकली गोली दीपू को लगी और वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर गया। इस दौरान वहां तमाम राहगीर एकत्र होते देख सभी आरोपी लोग हाथों में तमंचे लहराते हुए बिलासपुर की ओर तीन बाइकों से भाग गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मदद से दीपू की मां अपने पुत्र को लेकर समीप के नारायण अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बाद में पुलिस ने मृतक की मां की ओर से सभी छह आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 396, 302, 511, 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने हत्यारोपियों की तलाश में संदिग्ध स्थानों पर कांबिंग की, मगर कोई भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था।
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