रामपुर। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों व सचिवों के साथ बैठक कर ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने 20 अप्रैल तक सभी गांवों की कच्ची गलियों का डाटा तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड ने बैठक में ग्राम प्रधानों व सचिवों को हर आयु वर्ग व समाज को ध्यान में रखकर विकास कार्य की योजना तैयार करें। प्रधान और सचिव के पास ग्राम पंचायतों के संसाधनों और संपत्तियों के आंकडे़ होने चाहिए। इसके लिए हर पंचायत में संपत्ति रजिस्टर तैयार होगा, जो सचिव की निगरानी में रहेगा। उस संपत्ति रजिस्टर में नवसृजित सार्वजनिक संपत्तियों और पूर्व से मौजूद सार्वजनिक और सरकारी संपत्तियों का विवरण दर्ज किया जाएगा। तालाबों का रखरखाव और सिल्ट सफाई का कार्य भी समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कहा कि आगामी तीन माह में तालाबों की सफाई और जल संरक्षण से जुड़े अन्य जरूरी प्रबंध हो जाने चाहिए। उन्होंने ग्राम पंचायत के 33 फीसदी भू-भाग पर पौधरोपण कराने के निर्देश दिए। जुलाई तक के पौधरोपण का सर्वे अक्तूबर माह में होगा। साथ ही बैगुल और सैंजनी नदी के चिन्हित तटों का विकास भी मनरेगा के तहत कराने का लक्ष्य दिया। इन तटों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिवों को मिट्टी कटान रोकने व तटों के बेहतर विकास की योजना तैयार करने को कहा।
सीडीओ गजल भारद्वाज ने भी ग्राम प्रधानों व सचिवों से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इस दौरान मुडिया कला, मानपुर ओझा, ककरौआ, मगरमऊ, जसमौली, सिमरिया, नगलिया आकिल, सींगनखेड़ा, पटवई, ढ़किया, बिजारखाता, फैजुल्लानगर और अजीतपुर के ग्राम प्रधान और सचिवों को पंचायतों में उत्कृष्ट कार्य कराने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी दमनप्रीत अरोड़ा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना सिंह, डीसी मनरेगा प्रभुदयाल, एडीपीआरओ दुर्गा प्रसाद तिवारी, सीडीपीओ सैदनगर दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।