रामपुर। सूर्य उपासना और दान-पुण्य का प्रतीक मकर संक्रांति का पर्व शहर में धूमधाम से मनाया गया। सुबह जल्दी उठकर लोगों ने स्नान किया और सूर्य देव की उपासना की। गरीबों व पंडितों को तिल व खिचड़ी दान की। भगवान विष्णु की पूजा कर घर में सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। घरों में तिल व गुड़ के लड्डू बनाए गए। बच्चों ने पतंग उड़ाई और खूब मौज मस्ती की।
मकर संक्रांति मकर संक्रांति का पर्व शुक्रवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। देर शाम तक शहर के विभिन्न मंदिरों में लोगों ने भगवान का दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दिन दान का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में लोगों ने तिल, गुड़, चावल और अन्न आदि का दान किया। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान करने और तिल का दान करने से सारे पाप कट जाते हैं। इसी दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण हो जाता है। धनु से मकर राशि में जाने से खरमास भी समाप्त हो गया। अब से मांगलिक कार्य शरू होंगे। मकर संक्रांति पर्व पर प्राचीन श्रीराधा कृष्ण मंदिर में पुजारी पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने भक्तों के साथ विश्व कल्याण के लिए यज्ञ अनुष्ठान किया गया। नीरज मिश्रा, रामभरोसे लाल यादव, किशन लाल, नैना, शिवांगी, मुस्कान, कृष्णा पांडेय आदि मौजूद रहे ।