रामपुर। एक लाख रुपये के इनामी गोतस्कर जुबैर के एनकाउंटर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। यह जांच एसडीएम सदर को दी गई है। एसडीएम ने मामले की जांच शुरू करते हुए छह नवंबर तक सभी गवाहों को तलब करते हुए बयान दर्ज कराने को कहा है।
27 सितंबर की रात में शहर के मोहल्ला घेर मर्दान खां निवासी जुबैर उर्फ कालिया और गंज पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई थी। इस मुठभेड़ में जुबैर को पुलिस की गोली लगी थी। इससे उसकी मौत हो गई थी। जुबैर गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के छात्र नेता दीपक की हत्या व अपहरण के मामले में वांछित चल रहा था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसकी तलाश में गोरखपुर के साथ ही लखनऊ एसटीएफ की टीम ने भी रामपुर में कई स्थानों पर दबिश दी थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा था।
इस घटना के बाद प्रशासन ने मुठभेड़ की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के आदेश दिए हैं। डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर को इस मामले की जांच सौंपी गई है। एसडीएम सदर कुमार गौरव ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम सदर के अनुसार इस प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के लिए घटना का कोई चश्मदीद लिखित या मौखिक बयान छह नवम्बर तक किसी भी कार्यदिवस में उनके दफ्तर में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है।