मामला मिलक थानाक्षेत्र के गांव परम पट्टी का है। गांव निवासी दीनदयाल की शादी केमरी थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर उर्फ चिड़ियाखेड़ा गांव निवासी सुमन के साथ वर्ष 2015 में हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की खातिर सुमन का उत्पीड़न करते थे। वो दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग करते थे।
दहेज की खातिर पत्नी और दो बच्चों को जहर देकर मौत के घाट उतारने के मामले में हत्यारोपी को कोर्ट ने दोषी मानते हुए उम्रकैद और 26 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में मृतक महिला के ससुर को बरी कर दिया है।
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मामला मिलक थानाक्षेत्र के गांव परम पट्टी का है। गांव निवासी दीनदयाल की शादी केमरी थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर उर्फ चिड़ियाखेड़ा गांव निवासी सुमन के साथ वर्ष 2015 में हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की खातिर सुमन का उत्पीड़न करते थे। वो दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग करते थे।
दहेज की मांग की खातिर 25 जून 2020 को ससुराल वालों ने सुमन और उसके दो बेटे पंकज और गौरव को जहर दे दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मृतक सुमन के भाई ओमकार ने अपने बहनोई दीनदयाल, मृतका के ससुर अंगनलाल और दीनदयाल के मामा मोहनलाल के खिलाफ दर्ज कराई थी।
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विवेचना के दौरान मोहनलाल का नाम निकालते हुए विवेचक ने दीनदयाल और अंगनलाल के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मुकदमे की सुनवाई एफटीसी (फास्ट ट्रेक कोर्ट) द्वितीय रश्मि रानी की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने वादी मुकदमा सहित आठ गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दीनदयाल को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 26 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अंगनलाल के अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने मृतका के ससुर अंगनलाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।