अजीमनगर थाना क्षेत्र के बजावाला गांव निवासी शब्बीर का बेटा इदरीश 12 फरवरी 2017 को खेत पर गया था, जहां मेढ़ को लेकर पड़ोसियों से विवाद हो गया। आरोप है कि पड़ोसी खेत मालिक पक्ष के लोगों ने उसे पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शब्बीर की तहरीर पर बब्लू व उसके भाई समेत पांच के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
हत्या के आरोप में कोर्ट ने दो सगे भाइयों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। जिसमें एक भाई को उम्रकैद व दूसरे को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों भाइयों पर 40 हजार रुपये जुर्माना डाला है। इसमें एक भाई नाबालिग बताया गया है।
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अजीमनगर थाना क्षेत्र के बजावाला गांव निवासी शब्बीर का बेटा इदरीश 12 फरवरी 2017 को खेत पर गया था, जहां मेढ़ को लेकर पड़ोसियों से विवाद हो गया। आरोप है कि पड़ोसी खेत मालिक पक्ष के लोगों ने उसे पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शब्बीर की तहरीर पर बब्लू व उसके भाई समेत पांच के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने तीन नाम प्रमोद, छत्रपाल व रामपाल निकाल दिए थे। दो सगे भाई बचे थे, जिनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गांव की रंजिश में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात कही, जबकि सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार सक्सेना का कहना था कि गवाहों और साक्ष्यों ने घटना को साबित किया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नीलू मोघा ने अपने फैसले में दोनों भाइयों को दोषी माना। जिसमें बब्लू को उम्र कैद की सजा सुनाई है, जबकि उसके भाई को 10 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बब्लू पर भी 20 हजार जुर्माना लगाया। इसमें एक आरोपी नाबालिग है।