छठी महोत्सव में कान्हा ने कंस का वध कर प्रजा को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। कंस के वध के साथ ही पंडाल में श्रीकृष्ण के जयघोष गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण और राधा की विभिन्न रास लीलाओं का मंचन किया गया।
शिव महादेव मंदिर जीर्णोद्धार कमेटी द्वारा कृष्णा विहार में नवम छठी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शुक्रवार को कंस वध व रासलीला के साथ महोत्सव का समापन किया गया।
बांके बिहारी के पूजन के साथ शुरू हुए महोत्सव में महिषासुर मर्दनी, कंस स्वागत, कंस के बुलावे पर कान्हा का मथुरा जाना, कान्हा के गोकुल से जाने पर वियोग में गोपियां, कान्हा द्वारा कुब्जा के उद्धार के बाद गजराज वध, मल्ल युद्ध के बाद कंस के साथ युद्ध कर कंस के वध की लीला का मंचन किया गया। श्याम में तेरी कठपुतली..., एक राधा एक मीरा..., गजब कर गई हाय बृज की राधा.., श्याम बंसी बजाते हो आदि भजनों पर कलाकारों ने नृत्य किया।
इस दौरान रवि किशन सक्सेना, आलोक सक्सेना, हिमांशु, रमेश, गोधन दिवाकर, राज, लव सक्सेना, इमरान, कल्पना सक्सेना, अंकित सिंह, रिंकू कुमार, आशीष, रोहित, अमन माली आदि मौजूद रहे।