रामपुर। जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को जायका-ए-रामपुर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय शेफ ने नबाबी दौर में प्रचलित व्यंजन बनाए। साथ ही महिलाओं ने भी अपने अपने आकर्षक व्यंजन तैयार किए, जिनका अफसरों ने स्वाद चखा।
रंगोली मंडप में आयोजित जायका ए रामपुर कार्यक्रम की शुरुआत मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह एवं जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने की। इसके बाद स्थानीय शेफ एवं महिलाओं ने अपने अपने व्यंजन पेश किए। दोनों ही अधिकारियों ने जिला स्तरीय अन्य अधिकारियों के साथ स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया। इसमें नीम का हलुआ, मिर्च का हलुआ, शाही गुलथ्थी आदि व्यंजन तैयार किए। इसके अतिरिक्त व्यंजनों के अलग अलग स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों ने अपनी रुचि के अनुसार व्यंजनों को चखा। मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने बताया कि रामपुर विभिन्न प्रकार के जायकेदार व्यंजनों के लिए हमेशा से ही प्रसिद्ध रहा है। इन आकर्षक व्यंजनों से जुड़े शेफ को प्रोत्साहित करने और इन व्यंजनों को पुनर्जीवित करते हुए व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर से विभिन्न प्रकार से प्रयास किए जा रहे हैं। जिनमें से जायका-ए-रामपुर एक है। स्थानीय व्यंजनों की खास बात यह है कि बिना चीनी का प्रयोग किए ही अंजीर, गुड़ और खजूर जैसे प्राकृतिक उत्पादों व्यंजन तैयार किए जाते हैं। जो प्रत्येक आयुवर्ग के लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी बेहद लाभदायक हैं।