रामपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से बंद चले स्कूल 38 दिन बाद फिर से गुलजार होंगे। स्कूल खुलने पर छात्र-छात्राओं और स्कूल प्रबंधन को कोरोना गाइड लाइन का पालन करना होगा। जिन छात्र-छात्राओं के कोरोना से बचाव का टीकाकरण नहीं हुआ है। ऐसे छात्र-छात्राओं का प्रधानाचार्यों को टीकाकरण कराना होगा। वहीं, रविवार को अवकाश के बाद भी स्कूल-कालेजों और बसों को सैनिटाइज करने का कार्य किया गया। सोमवार से कक्षा 9वीं से ऊपर के स्कूलों को खोला जा रहा है। डिग्री कालेज भी सोमवार से ही खुल जाएंगे। हालांकि, नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
स्कूल-कॉलेजों में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में आने वाले शिक्षक, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा हर संस्थान में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करनी होगी। इसके साथ ही सरकार के स्तर पर समय-समय पर निर्गत आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का आदेश दिया गया है। स्कूल और कॉलेजों में सोमवार से कक्षाएं लगेंगी।
कोविड-19 की तीसरी लहर आने के बाद से प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया था। स्कूल-कॉलेजों को पहले नए साल के पहले बंद किया गया था। इसके बाद सरकार की ओर से कोविड के बढ़ते केस को देखते हुए बंद करने का निर्णय लिया गया। दिसंबर में नए साल की छुट्टियां घोषित की गई। इसके बाद स्कूल खुलने का समय आया तो पहले 16 जनवरी तक कक्षाओं को बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद 22 जनवरी, फिर 28 जनवरी और आखिर में 6 फरवरी तक स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया। अब इस आदेश में संशोधन होने से उच्च कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को नए साल के 38 दिन बीतने के बाद कक्षाओं के दर्शन हो सकेंगे।