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कारतूस कांड मामला: एसटीएफ के दरोगा ने दी गवाही

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रामपुर। सूबे के चर्चित कारतूस कांड में गवाही देने के लिए सोमवार को एडीजे कोर्ट में एसटीएफ के दरोगा हाजिर हुए। उन्हाेंने अपनी गवाही दी। अब जिरह के लिए कोर्ट ने नौ मई की तारीख तय की है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2010 को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ राम-रहीम पुल के नीचे से पीएसी के सेवानिवृत्त दरोगा यशोदानंदन को गिरफ्तार करते हुए कारतूस कांड का खुलासा किया था।
एसटीएफ ने इस दौरान सीआरपीएफ के हवलदार विनोद और विनेश को भी गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी और कारतूस बरामद किए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुरादाबाद पीटीसी में तैनात आर्मोरर नाथीराम सैनी को भी गिरफ्तार किया था। यशोदानंदन की निशानदेही पर इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, मऊ आदि जनपदों से भी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी यशोदानंदन की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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यह मामला एडीजे द्वितीय विजय कुमार की कोर्ट में चल रहा है। एसटीएफ के दरोगा राजकुमार की गवाही हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि कोर्ट में दरोगा की मुख्य परीक्षा पूूरी हो गई है। जिरह के लिए कोर्ट ने नौ मई की तारीख तय की है।
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