मिलक(रामपुर)। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने स्वयं फावड़ा थामकर नदी के तट को सुरक्षित बनाने और इसके लिए आमजन की सहभागिता का संदेश दिया। उन्होंने नदी के तट पर पीपल का पौधा लगाकर तटबंध संरक्षण व पौधरोपण अभियान की शुरुआत की।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने विकासखंड मिलक के ग्राम पंचायत कजियापुरा में पहुंचकर जल संरक्षण के लिए सैंजनी नदी पर चलाए जा रहे तटबंध संरक्षण व पौधरोपण कार्यक्रम का ग्रामीणों के साथ शुभारंभ किया। डीएम ने कजियापुरा में आयोजित पानी पंचायत में कहा कि ग्राम पंचायत में स्थित विभिन्न प्रकार के जल स्रोतों के संवर्धन और संरक्षण के साथ साथ जल की उपयोगिता भी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर करना होगा। जल संकट से निपटने के लिए यदि वर्तमान में संयुक्त रुप से प्रयास नहीं किए गए, तो भविष्य में जल संकट की और भी अधिक गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए हम सभी को अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए प्राकृतिक संसाधनों और पानी की जरूरतों पर ध्यान देना होगा।
ग्राम पंचायत के अंतर्गत स्थित तालाब पर अवैध कब्जे के मामले पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए लेखपाल सुबोध कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत करने के निर्देश दिए। साथ ही तालाब की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले व्यक्ति को भी निर्देशित किया कि वे स्वेच्छा से तालाब की जमीन खाली कर दें और यदि अवैध कब्जा हटाने में लापरवाही की गई तो कार्रवाई होगी।
उन्होंने ग्राम पंचायत के सचिव को निर्देशित किया कि वे मनरेगा के तहत तालाब के लिए आरक्षित जमीन पर तत्काल खुदाई का कार्य प्रारंभ कराएं। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा सैंजनी नदी के संरक्षण के लिए शुरू किए गए अभियान के बारे में जिलाधिकारी ने ग्रामीण जनों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कहा कि इन्हीं प्रयासों से ग्राम पंचायतों को हरा भरा और मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने में सफलता मिलेगी। इस दौरान उप जिलाधिकारी मिलक, डीसी मनरेगा, अधिशासी अभियंता सिंचाई, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।