रामपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रमेश कुशवाहा ने जिला कारागार का वर्चुअल माध्यम से निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों व कैदियों को मानक के अनुरूप भोजन देने के निर्देश दिए।
बुधवार को सचिव ने जिला कारागार में अल्प व्यस्क बैरक, महिला बैरक, पाकशाला एवं जेल अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों को मिलने वाली नि:शुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी दी तथा जिन बंदियों के पास उनके मुकदमे की पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता नहीं है, ऐसे बंदियों को चिह्नित करके सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के आदेश जेल अधीक्षक को दिए। साथ ही जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि जेल में यदि कोई भी महिला या पुरुष बंदी सात वर्ष के दंड से दंडित मामलों में जेल में बंद है, तो अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने के लिए उसका प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अविलंब उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जेल अधीक्षक पीडी सलोनिया ने बताया कि 22 जून को तीन ऐसे बंदियों को रिहा किया गया, जो सात वर्ष से कम दंड वाले प्रकरण में जेल में बंद थे। सचिव ने जेल की रसोई का निरीक्षण किया एवं बंदियों को मानक के अनुरूप भोजन देने के निर्देश दिए। इस दौरान कई बंदियों ने मुंह पर मॉस्क नहीं था, जिस पर नाराजगी जताई और उन्हें मॉस्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। महिला बैरक में बंद महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके खान पान पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए महिला चिकित्सक सप्ताह में दो बार विजिट कर रही हैं। साथ ही अल्प व्यस्क बंदियों के बैरक का निरीक्षण किया गया और उनकी स्थिति जानी और उन्हें योग से होने वाले फायदे के संबंध में बताया गया।