पटवाई। बिना अनुमति डीजे बजाने के मामले में दो पक्षों में पत्थरबाजी व फायरिंग हो गई थी। बचाव कर रही पुलिस के ऊपर भी पत्थरबाजी की गई थी। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को जेल भेजा है। करीब 60 से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई करते एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके से पाबंद किया है।
इन सभी को एसडीएम कोर्ट में पेश होने के निर्देश जारी हुए हैं। गांव में हुए विवाद में अज्ञात समेत कुल 133 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई थी। 15 मार्च की शाम को मथुरापुर गांव में दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। बिना अनुमति के डीजे बजाने को लेकर दोनों पक्षों में 13 मार्च की शाम से ही चिंगारी गूंज रही थी। 15 मार्च की शाम होते ही दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई और फिर कुछ देर बाद फायरिंग भी शुरू हो गई थी। बचाव करने पहुंची पुलिस पर भी पत्थरबाजी की गई थी।
पुलिस ने अपनी ओर से 12 नामजद व 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था। साथ ही दोनों पक्ष की ओर से भी कुल 21 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। इस तरह पुलिस की तरफ से दर्ज हुई एफआईआर और गांव के दोनों पक्षों की ओर से लिखाए गए मुकदमे में नामजद समेत कुल 133 लोगों आरोपी बनाए गए थे। इसमें अभी पुलिस अधिकांश आरोपियों की पहचान तक नहीं कर पाई है। हालांकि, पुलिस ने अपनी ओर से लिखे गए मुकदमे में 12 लोगों को जेल भेज दिया था।
इसके बाद बरेली एडीजी जॉन ने मुरादाबाद के एसपी क्राइम को जांच सौंपी गई थी। मुरादाबाद एपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार जांच करने मथुरापुर गांव पहुंचे थे। हालांकि, एसपी क्राइम ने अपनी जांच में क्या पाया, उन्होंने इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है। इस मामले में पुलिस ने अभी कुछ दिनों पहले करीब 60 से ज्यादा लोगों पर 107/16 में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश होने और मुचलका भरने के आदेश दिए थे।
कोर्ट ने सभी को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके से पाबंद किया है। पटवाई थाना प्रभारी संदीप मिश्र ने बताया कि मथुरापुर में हुए विवाद के मामले में 12 लोगों को जेल पहले ही भेज दिया था। इसके बाद अभी कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।
गांव के करीब 60 लोगों के विरुद्ध लोक शांति भंग के मामले में कार्रवाई कर उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया और मुचलका भरने के आदेश दे दिए थे। कोर्ट ने सभी को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके से पाबंद किया है।