इस माह अब तक रेते से लदी 25 गाड़ियां पकड़ी जा चुकी हैं, लेकिन पुलिस अफसर कहते हैं कि जिले में कहीं अवैध खनन नहीं हो रहा है। खुद एसपी भी मानते हैं जिले में कहीं अवैध खनन नहीं हो रहा है। अब सवाल यह है कि यदि खनन नहीं हो रहा तो रेते की गाड़ियां कहां से पकड़ ली गईं। ऐसे में साफ जाहिर है कि कहीं न कहीं खनन के धंधेबाजों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है।
कोसी में उत्तराखंड बार्डर से लेकर रामपुर तक अवैध खनन हो रहा है। स्वार, टांडा, मसवासी और दढ़ियाल की पुलिस मिलकर भी खनन नहीं रोक पा रही है। हालत तब हैं जब टांडा के एसडीएम अपनी रिपोर्ट में यह कह चुके हैं कि अवैध खनन को लेकर खनन अधिकारी और दढ़ियाल चौकी प्रभारी की भूमिका संदिग्ध है। इसको लेकर प्रशासन की ओर से रिपोर्ट भी शासन को भेजी जा चुकी है। इसके बाद भी पुलिस का यह कहना कि रामपुर में अवैध खनन नहीं हो रहा है।
सवाल यह भी है कि यदि अवैध खनन नहीं हो रहा है तो एक माह के भीतर 25 वाहनों पर कार्रवाई किस आधार पर कर ली गई। यह कार्रवाई पुलिस ने ही की है। पुलिस अफसर पुलिस कर्मियों को बचाने में लगे हुए हैं। कार्रवाई न होने के खौफ से धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। अवैध खनन को लेकर एसपी भी कहते हैं कि जिले में अवैध खनन नहीं हो रहा है। हालांकि अवैध खनन को लेकर पुलिस ने कुछ कार्रवाई भी की है।