30 वें रोजे को चांद नजर आ गया। शहर की जामा मसजिद से ईद का एलान होते ही मसजिदों में सायरन गूंजने लगे। ईद की खुशी में लोग झूम उठे। किसी ने गोले दागे तो किसी ने आतिशबाजी छोड़ी। साथ ही एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।
29 वें रोजे को चांद दिखाई देने की पूरी उम्मीद थी जो पूरी नहीं हो सकी। लिहाजा 30 वें रोजे को चांद का दीदार हो गया। जामा मसजिद का सायरन बजा तो शहर की दूसरी मसजिदों में भी सायरन गूंजने लगे। ईद की खुशी में लोग झूम उठे। किसी ने खुशी में गोले दागे तो किसी ने आतिशबाजी थोड़ी। साथ ही एक दूसरे को गले मिलकर ईद मुबारकबाद दी।
हर तरफ खुशी का माहौल हो गया। इफ्तार और मगरिब की नमाज के बाद लोग ईद की तैयारी में जुट गए। तमाम लोगों ने बाजार का रुख कर लिया। ख्वातीन भी जायकेदार व्यंजन बनाने में जुट गईं। ग्रामीण इलाके में लोग ईद की खुशी मनाने लगे। लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।