इराक के एलान और लखनऊ व बनारस से तस्दीक करने के बाद शिया समुदाय ने बुधवार को ईद मना ली। हजारों लोगों ने बारगाहे इलाही में सजदा किया। मुल्क में अमन-चैन और कौम की तरक्की को हाथ उठे। नमाज के बाद एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
29 वें रमजान को चांद नजर नहीं आया था। कहीं से चांद दिखाई देने की शरई शहादत भी नहीं मिली थी। इसलिए जामा मस्जिद से बृहस्पतिवार को ईद मनाने का एलान कर दिया गया था। सुुन्नी और शिया समुदाय के लोगों ने सहरी का खाकर 30 वां रोजा रखा। लेकिन, सहरी के बाद तड़के शिया समुदाय के लोगों को मैसेज मिला कि इराक के नजफ-ए-अशरफ में आयतुल्ला सैयद अली हुसैन सीसानी ने 06 जुलाई बुधवार को ही ईद का एलान कर दिया। इराक के एलान के बाद लखनऊ, बनारस और दिल्ली से तस्कीद की गई।
इसके बाद इमाम-ए- जुमा मौलाना अली रजा ने बुधवार को ही ईद मनाने का एलान कर दिया। एलान होते ही लोग ईद की तैयारी में जुट गए। मुकर्रर वक्त से पहले लोग मकबरा जनाबे आलिया और ज्वालानगर स्थित मस्जिद में पहुंच गए थे। मकबरा जनाबे आलिया में इमामे जुमा मौलाना अली रजा ने ईद की नमाज अदा कराई। इसके बाद लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को मुबारकबाद दी।