एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सर्राफा कारोबारियों की ओर से आयोजित बंद में सभी व्यापारी शामिल तो नहीं हुए, लेकिन सभी ने एक सुर में एक्साइज ड्यूटी का विरोध जताया। कई स्थानों पर दुकानें बंद कराने के लिए सर्राफा कारोबारियों और व्यापारियों में नोकझोंक भी हुई। नतीजा ये रहा कि कहीं बंद का असर दिखा तो कहीं दुकानें खुली रहीं। सिटी मजिस्ट्रेट ने सर्राफा बाजार में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन व्यापारियों से लिया।
केंद्र सरकार की ओर से आभूषणों पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में मार्च माह से ही सर्राफा कारोबारी हड़ताल और प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से सर्राफा कारोबारी भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी वापस लेने के लिए कोई पहल नहीं की गई। इससे आक्रोशित सर्राफा कारोबारियों ने व्यापारी संगठनों के साथ मिलकर सोमवार को बंद का एलान किया था।
सोमवार को सर्राफा कारोबारियों के साथ कई व्यापारी नेता बंद में शामिल हुए, कई शामिल नहीं हुए। दुकानें बंद कराने के लिए सर्राफा कारोबारियों और व्यापारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। साहूकारा सर्राफा कमेटी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बंद के दौरान मीटिंग कर केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि सर्राफा कारोबारियों पर थोपी जा रही एक्साइज ड्यूटी गलत है। इसके विरोध में संगठन सर्राफा कारोबारियों के साथ है। मीटिंग में साहूकारा सर्राफा कमेटी के पदाधिकारियों ने भी कहा कि एक्साइज ड्यूटी के रूप में इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा देने की कोशिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीएम के माध्यम से भेजा गया।
इस दौरान परितोष चांदीवाला, विनोद कुमार गप्पल, निशांत रस्तोगी, प्रेमकिशोर रस्तोगी, चंद्रप्रकाश रस्तोगी, विवेक अग्रवाल, राकेश मिश्रा, राजीव, अंशुल, मुकेश आर्य, संजय पाठक, अजय अग्रवाल, रविप्रकाश, विनीत, गुरमीत रहे। ज्वालानगर सर्राफा कमेटी की ओर से भी हड़ताल के साथ बंद किया गया। कमेटी के पदाधिकारियों ने बाजार बंद कर बाइक रैली निकाली और बंद को सफल बनाने की अपील की। इस दौरान कमल किशोर रस्तोगी, चंद्रराज मित्त्ल, राजीव लोचन, मनोज कुमार रस्तोगी, रामकिशन गुप्ता, प्रदीप सिंह, निमिष, प्रदीप रस्तोगी, गौरव रहे।