बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिलासपुर क्षेत्र में बुखार से महिला समेत दो और शाहबाद में एक किसान की मौत हो गई। जिले में बुखार और डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा 50 पहुंच चुका है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसको काबू करने में विफल साबित हो रहा है। इधर, मौतों का सिलसिला जारी रहने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बिलासपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम महेशपुरा निवासी मुश्ताक अली (35) को दस दिन पूर्व बुखार आया था। परिजनों ने उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर दिल्ली ले गए। जहां रविवार की रात उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मुश्ताक की मौत से घर में कोहराम मच गया। वहीं, ग्राम भटपुरु निवासी बिसमा बी (45) को भी दो दिन पूर्व बुखार आया था। परिजनों ने सीएचसी में उपचार भी कराया। रविवार की रात बुखार तेज होने के कारण अस्पताल ला रहे थे कि उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजनों ने उन्हें सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के परौता गांव निवासी लाल सिंह (55) को दो दिन पूर्व तेज बुखार आया था। एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया जा रहा था। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। उसके बाद परिवार के लोग रविवार को उन्हें लेकर शाहबाद सीएचसी आ रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई।। मौत होने से घर में कोहराम मच गया। गौरतलब हो कि इससे पहले भी क्षेत्र में दो लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से काई मदद नहीं मिल रही है। जिससे गांव के लोगों में विभाग के प्रति गुस्सा है।
दढ़ियाल क्षेत्र के भाऊपुरा निवासी किसान रिंकू सिंह के पुत्र अवधेश (10) को 10 दिन पूर्व बुखार आया था। तीन दिन पहले बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे उत्तराखंड के काशीपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां सोमवार की शाम चार बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया। छात्र का शव घर पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। अवधेश गांव के कान्वेंट स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था। क्षेत्र में लगातार 6 मौतें होने से ग्रामीणों में दहशत है।