रामपुर। परिवहन विभाग के लिए वाहनों का अधिग्रहण चुनौती बन गया है। लगातार आ रही डिमांड के चलते सुबह से रात तक टीम अधिग्रहण में लगी हुई है। इसके लिए दो टीमें बना दी गई हैं जो जिले में वाहनों को कब्जे में ले रही हैं। कई लोग कागज आने के बाद वाहन देने से आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिए हैं कि वाहन निर्धारित तिथि पर समय से तय स्थान पर नहीं पहुंचा तो वाहन स्वामी पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। परिवहन विभाग में एआरटीओ प्रवर्तन अनिल कुमार के नेतृत्व में वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। टीम को लोकसभा चुनाव के लिए इस बार प्रशासन की तरफ से 3166 वाहनों का लक्ष्य दिया गया है। इनमें प्राइवेट वाहन जिनमें इनोवा, क्वालिस के 800, टैक्सी साढ़े 500, 488 निजी बसें, 140 रोडवेज बसों के साथ 140 कैंटर मांगे गए हैं। अतिरिक्त वाहनों की डिमांड भी है। जगह-जगह वाहनों को रोक कर उनके कागजों को अपने पास रखकर परिवहन विभाग वाहनों का अधिग्रहण करने में लगा हुआ है।
वाहन अधिग्रहण करने में विभाग की लोगों से नोकझोंक भी हो रही है। ऐसे में विभाग ने दो टीमें गठित कर दी हैं। उनके साथ पुलिसकर्मी भी लगे हुए हैं। यह टीमें जिले भर से वाहनों का अधिग्रहण कर रही हैं। खास बात यह है कि अब परिवहन विभाग काफी सख्त हो गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई भी अपना वाहन अधिग्रहण कराने या फिर अधिग्रहण होने के बाद वाहन देने से इन्कार करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
अधिग्रहण वाहन को समय पर न पहुंचाने वाले पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने बढ़े किराए के साथ वाहनों का अधिग्रहण किया है। इसके बाद वाहन स्वामियों को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
-राजेश श्रीवास्तव, एआरटीओ