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जिले में पुराने रेट पर ही मिलेगी खाद, 12 हजार मीट्रिक टन खाद है मौजूद

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रामपुर। एनपीके खाद भले ही महंगी हो गई हो, लेकिन जिले में फिलहाल किसानों को गेहूं की फसल बोने के लिए अभी पुराने दाम पर ही खाद मिलेगी। पुराने रेट की 2 हजार मीट्रिक टन खाद जिले में मौजूद है। बाढ़ और बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान के बाद अब उपायुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने किसानों को कर्ज पर खाद देने का इंतजाम किया है ताकि उन्हें अपनी फसलें बोने में मदद मिल सके। साथ ही निजी संस्थाओं को पुराने रेट की खाद देने पर रोक लगा दी है, ताकि किसानों को सस्ती खाद मिल सके।
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सरकार की ओर से खाद महंगी कर दी है। प्रति बोरी 265 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। किन्तु, रामपुर के किसानों को फिलहाल पुराने रेट पर ही खाद मिलेगी। इसके लिए जिले में 12 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। उपायुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता हरेंद्र कुमार ने बताया कि पुराने रेट की खाद निजी संस्थाओं को आवंटित नहीं की जाएगी। इस पर जिले में रोक लगा दी गई है। सिर्फ सहकारी समितियों के ही माध्यम से किसानों को पुराने रेट की खाद पुराने रेट में ही दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान 12 हजार मीट्रिक टन खाद 1185 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से मौजूद है, जबकि नए रेट की खाद 1450 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से किसानों को देने के लिए आएगी। लिहाजा, किसान महंगी खाद लेने से बचने के लिए पुराने रेट पर खाद ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि निजी संस्थाओं को पुराने रेट की खाद आवंटित न करने का निर्णय सिर्फ इसलिए लिया गया है, ताकि वे किसानों से पुराने रेट की खाद के नए रेट न वसूल सकें।
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