गोली मार बुजुर्ग ने की आत्महत्या
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बीमारी से तंग आकर बुजुर्ग ने खुद को मारी गोली, मौत
- तीस साल पहले हुआ था हादसा, दस साल से शुगर भी होने से रहते थे मानसिक रूप से परेशान
- गोली लगने के बाद परिजन बरेली लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। केमरी थानाक्षेत्र के एक गांव में बीमारी से तंग आकर बुजुर्ग ने खुद को लाइसेंसी बंदकू से गोली मार ली। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन आनन-फानन उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शव का बरेली में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची केमरी थाना पुलिस ने आत्महत्या में प्रयुक्त की गई बंदूक, कारतूस की बेल्ट और एक डायरी अपने कब्जे में ले ली है।
केमरी थाना क्षेत्र के जिवाई जदीद गांव निवासी नेत्रपाल (75) अपने बेटे दुष्यंत के साथ केमरी में मेडिकल स्टोर चलाते थे। परिजनों के अनुसार करीब तीस साल पहले नेत्रपाल एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उनकी मानसिक स्थिति कमजोर हो गई थी। वहीं दस साल से वह शुगर के भी मरीज थे। इसके बाद वह बीमारियों को लेकर परेशान रहते थे।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे नेत्रपाल अपने भतीजे सुगंध के साथ घर से लाइसेंसी बंदूक जमा करने बिलासपुर जाने की बात कहकर निकले, लेकिन घर के दरवाजे पर पहुंचते ही उन्होंने बंदूक से अपनी छाती पर गोली मार ली। गोली लगते ही नेत्रपाल जमीन पर गिर पड़े और सुगंध के होश उड़ गए। इस दौरान गोली चलने की आवाज सुनकर अन्य परिजन व आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजन आनन-फानन उन्हें उपचार के लिए बरेली के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बरेली में ही शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वहीं, नेत्रपाल के इस आत्मघाती कदम से परिजन सकते में हैं और उनकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
केमरी थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि सूचना पर वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। पूछताछ करने पर पता चला है कि नेत्रपाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है। मौके से घटना में प्रयुक्त बंदूक, एक कारतूस की बेल्ट और एक डायरी कब्जे में ली गई है। घटना की जांच की जा रही है। वहीं, डायरी में सुसाइड नोट होने की चर्चा को लेकर थाना प्रभारी ने बताया कि डायरी में मेडिकल स्टोर का कुछ हिसाब लिखा हुआ है, इसमें कोई सुसाइड नोट नहीं है।
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बेटा जा रहा था बंदूक जमा करने तो आत्महत्या की धमकी देकर नहीं करने दी थी जमा
बिलासपुर। नेत्रपाल के आत्मघाती कदम उठाने के बाद आसपास के लोग भी सकते में हैं। लोगों का कहना है कि सोमवार को नेत्रपाल का बेटा दुष्यंत बंदूक जमा करने बिलासपुर गया था, लेकिन नेत्रपाल ने बंदूक जमा नहीं करने दी। लोगों का कहना है कि नेत्रपाल ने अपने बेटे से कहा कि अगर बंदूक जमा करेगा तो वह ट्रक के नीचे आकर आत्महत्या कर लेंगे।
इस पर दुष्यंत बंदूक बिना जमा किए ही घर वापस आ गया था। ऐसे में चर्चा है कि नेत्रपाल पहले से ही आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय ले चुके थे, लेकिन परिजनों को इसकी भनक नहीं लगी। अगर परिजन उनकी मंशा जान जाते या फिर दुष्यंत सोमवार को बंदकू जमा कर देता तो शायद मंगलवार को यह दुखद घटना नहीं होती।
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