रामपुर। हाइकोर्ट ने फांसी की सजा को खारिज करते हुए आरोपी की अपील मंजूर कर ली है। स्थानीय कोर्ट ने छह वर्ष की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने और बच्ची की हत्या करने के आरोपी को दोषी मानते हुए 18 दिसंबर 2019 को फांसी की सजा सुनाई थी। करीब दो साल बाद हाईकोर्ट ने आरोपी के अधिवक्ता की ओर से दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए फांसी की सजा को खारिज करते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है।
गौरतलब है कि सात मई 2019 को सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में एक बच्ची का शव मिला था। पुलिस ने खुलासा करते हुए नाजिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसका मुकदमा एफटीसी (फास्ट ट्रेक कोर्ट) प्रथम पास्को एक्ट में चला। जिसमें कोर्ट ने आरोपी नाजिल को फांसी की सजा सुनाई थी। इस आदेेश के खिलाफ नाजिल ने अपने अधिवक्ता एनआई जाफरी के माध्यम से हाइकोर्ट में अपील दाखिल की।
जिसमें हाइकोर्ट ने सुनवाई के बाद स्थानीय कोर्ट के फैसले को अपास्त करते हुए फांसी की सजा को खारिज कर दिया है। नाजिल के स्थानीय अधिवक्ता रसूल नबी खां के मुताबिक हाइकोर्ट द्वारा शुक्रवार 17 दिसंबर को नाजिल की अपील स्वीकार करते हुए फांसी की सजा खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरूण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि हाइकोर्ट के फैसले का अध्य्यन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में फैसले की अपील दाखिल की जाएगी।