स्वार और टांडा तहसील क्षेत्र में कोसी नदी में लगातार हो रहा अवैध खनन अब खेती-किसानी चौपट कर रहा है। माफिया के गुर्गों की बंदूकें गरजती हैं तो गांव वाले दहशत में आ जाते हैं और फायरिंग से डरकर खेतों को छोड़कर भागते हैं। इलाके के किसान बेहद परेशान हैं। शिकायत को आवाज उठाते हैं तो धंधेबाज डराते हैं और पुलिस वाले भी धमकाते हैं।मुंह खोलने से डर रहे ग्रामीण भयभीत हैं जिससे खेतों पर जाना बंद सा हो गया है।
अवैध खनन सबसे ज्यादा टांडा तहसील के मसवासी और सुल्तानपुर पट्टी कलां घोसीपुरा इलाके में हो रहा है। स्वार तहसील के भी कुछ गांव अवैध खनन की गिरफ्त में हैं। गाजियाबाद और मेरठ के माफिया आधुनिक मशीनें लगाकर अवैध खनन कराते हैं। माफिया के दो गुट होने के कारण निकाले गए रेता को उठाने के लिए फायरिंग होती है। अक्सर रेता के ढेरों को डंपरों में डाल लिया जाता है और विरोध में दूसरे धंधेबाज फायरिंग करके अपना वर्चस्व दिखाते हैं। ऐसी स्थिति में खेतों पर काम करने वाले किसान सहम जाते हैं।
उन्हें भय बना रहता है कि धंधेबाजों की फायरिंग में उनका खून न बह जाए। किसानों का कहना है कि शिकायत करने पर पुलिस वाले धमकाते हैं, धंधेबाजों को पता चल जाए तो वे फसलें चौपट कर जाते हैं और जान से मार डालने की धमकी भी देते हैं।