पर्यूषण महोत्सव के आखिरी दिन जैन समाज की ओर से रविवार को शहर में रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। बैंडबाजे की धुन पर निकाली गई रथयात्रा में सजी झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं।
पूर्यषण पर्व के आखिरी दिन रविवार को फूटा महल स्थित जैन मंदिर में अभिषेक व पूजन के बाद रथयात्रा की शुरुआत की गई। रथयात्रा मंदिर से शुरू होकर कोतवाली, बाजार नसरुल्ला खां, पुरानी तहसील, बाजार सफदर गंज, मिस्टन गंज, सराय गेट होती हुई कोसी मंदिर रोड स्थित जैन बाग में जाकर संपन्न हुई।
रथयात्रा में श्री जी की प्रतिमा लेकर नकुल जैन सवार थे। सारथी के रूप में भारत भूषण जैन व कुबेर के रूप में अनुराग जैन चल रहे थे। रथयात्रा के आगे महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। इस दौरान जैन इंटर कालेज व जैन बेसिक स्कूल के बच्चे भी पीटी करते हुए चल रहे थे। कई स्थानों पर फूल मालाओं से रथयात्रा का स्वागत किया गया। जैन बाग में रथयात्रा के पहुंचने के बाद आरती का आयोजन किया गया। अभिषेक भी किया गया। इसके बाद रथयात्रा यहां से वापस मंदिर के लिए रवाना हुई।
इस मौके पर जैन समाज के अध्यक्ष दिनेश जैन खंडेलवाल, कस्तूर चंद्र जैन, जितेंद्र कुमार जैन, श्रीयांश जैन, प्रमोद जैन, पंकज जैन, देवेंद्र जैन, नरेंद्र जैन, पुनीत जैन, विनोद विहारी जैन, राकेश जैन, दिशा जैन, प्रिया जैन, सुमन जैन, लीना जैन, प्रदीप जैन, डा. सुमेर चंद्र जैन के साथ ही संयोजक अरुण जैन सेठी आशीष जैन, अविरल जैन, दिनेश जैन सेठी रमेश जैन, निमेश जैन, विशाल जैन, निलेश जैन आदि मौजूद रहे। उधर रथयात्रा में प्रमोद जैन एडवोकेट और रमेश जैन ने डा. गौरव वार्ष्णेय और अनुराग जैन को सम्मानित भी किया।