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18 बीघा फसल खराब होने पर किसान आत्महत्या के लिए अड़ा

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शाहबाद। दो दिन तक बारिश हो जाने के कारण किसानों की फसलें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। एक किसान की 18 बीघा फसल नष्ट हो जाने के बाद किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसान को बचाया और शांतकर उसका ढांढस बांधया। किसान के द्वारा आत्महत्या के प्रयास की चर्चा क्षेत्र भर में चलती रही।
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रविवार दोपहर के बाद से झमाझम बारिश ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है। धान के किसानों की फसल लगभग बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गई है। फसल को नष्ट देखकर किसान बेहाल हैं। तहसील क्षेत्र के गलपुरा गांव निवासी विनोद शर्मा की साढ़े पांच बीघा खुद की कृषि की भूमि है और शेष बटाई में लेकर 18 बीघा भूमि में धान की फसल की थी। बारिश हो जाने के कारण धान की पूरी फसल नष्ट हो गई। मंगलवार को किसान जब अपनी फसल को देखा, तो वह तनाव में आ गया और आत्महत्या का प्रयास करने लगा। इस दौरान किसान ट्यूबवेल की लाइन पर चढ़ने लगा। इस दौरान खेतों में काम कर रहे लोगों ने किसान को पकड़ा, लेकिन किसान किसी के कब्जे में नहीं आ रहा था। किसान का कहना था कि उसके ऊपर पहले से ही कई बैंकों का कर्जा है। कर्ज लेकर उसने 18 बीघा में धान की फसल की थी। धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसलिए, वह आत्महत्या का प्रयास कर रहा था। आत्महत्या के प्रयास के दौरान किसान को लोगों ने जकड़ कर पकड़ रखा था। लेकिन, वह किसी के मानने को तैयार नहीं था।
-मेरी साढ़े पांच बीघा जमीन है, और करीब साढ़े बारह बीघे बटाई पर ली हुई है। पूरी जमीन पर धान की फसल लगाई थी लेकिन, बारिश से सारी फसल खराब हो गई है। मेरे ऊपर बैंको का भी कर्ज है। बैंक का कर्जा कहां से चुकाऊंगा, मरने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। -विनोद शर्मा, किसान।
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-किसान द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है। इस बारिश से तो तमाम किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। शासन का आदेश भी आ गया है। नष्ट फसलों का सर्वे भी कराना है। परेशान होने की किसी भी किसान को जरूरत नहीं है। सभी पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। -दिनेश कुमार, तहसीलदार, शाहबाद।
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