राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष से लेकर सदस्य पद के उम्मीद्वारों का चुनाव का खर्च तय कर दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीद्वार सिर्फ चार लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीद्वार के खर्च की सीमा डेढ़ लाख रुपये तय की गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के सदस्यों के चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। चार चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए प्रशासन ने अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच जिला पंचायत के अध्यक्ष पद का आरक्षण भी तय कर दिया गया है।
इस बीच निर्वाचन आयोग ने जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के उम्मीद्वारों की चुनाव पर होने वाले खर्च की सीमा को भी तय कर दिया है। आयोग की ओर से इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए साफ किया कि उम्मीद्वारों के खर्चों पर पूरी तरह निगाह रखी जाए।
किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उम्मीद्वारों को चुनाव में पाई-पाई का हिसाब देना होगा। चुनाव प्रचार में होने वाले खर्चे का ब्योरा देना होगा। खर्च की सीमा तय कर दी गई है। यदि कोई प्रत्याशी तय सीमा से ज्यादा खर्च करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं।