प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों पदों के आरक्षण की प्रक्रिया जारी है। आरक्षण के नए फार्मूले से कई लोगों की उम्मीद जाग गई है। पुराने फार्मूले से शाहबाद क्षेत्र की बड़ी आबादी की ग्राम पंचायत पटवाई और सैफनी के भी अनुसूचित जाति के खाते में जाने की संभावना थी। अब दोनों ग्राम पंचायतें अनारक्षित हो सकती हैं।
शाहबाद क्षेत्र में पहले 99 ग्राम पंचायतें थीं और अब बढ़कर 118 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। अबकी बार शाहबाद ब्लाक में 28 ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति और 32 पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। आरक्षण का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। नए फार्मले से अधिकतर ग्राम पंचायतों का आरक्षण पलट जाएगा।
मसलन, हुसैनगंज, सहबिया खुर्द, सोहना, धनौरा, धुुरियाई, जयडौली, नादरगंज, लोधीपुर, महुनागर, भौंरकी जदीद, टांडा, जगेसर, रम्पुरा, चंदपुरा, गुजरैला, दनियापुर, रसूलपुर, डोहरिया, पट्टी फाजलाबाद, करैथी, चतरपुर, ऊंचागांव, गदमर पट्टी मोती सिंह, नबीगंज जदीद, हिम्मतपुर और परौता ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो सकती है।
पस्तौर, पैगूपुरा, शहदरा, मडैयान बुदपुर, मंसूरपुर, बिचपुरी संग्रामपुर, मदारपुर, पटरिया, घोसीपुरा, सूपा, नानकार, छितौनी, सराए महेश, सागरपुर, विसौली, किशनपुर, चौकोनी, देवीपुरा, मियांगंज, जयतौली, करीमगंज, बरखेड़ा, चकरपुर, भुड़ासी, रुस्तमपुर, भगवतीपुर, लश्करगंज, बंदार, ओसी, ममूरपुर बढ़ौली, भगवंतपुर और बमनपुरी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो सकती हैं। बाकी ग्राम पंचायतें अनारक्षित रह सकती हैं। हालांकि सही तस्वीर 26 सितंबर को सामने आएगी।