रामपुर। शहर के राम-रहीम फ्लाईओवर के पास स्थित 40 दुकानों के व्यापारी नगर पालिका की गतिविधियों से नाराज हैं। पालिका और जिला प्रशासन से न्याय की उम्मीद छोड़कर वह अब एक बार फिर से न्यायालय की शरण में पहुंचकर स्टे ले चुके हैं।
उधर, नगर पालिका भी झुकने को तैयार नहीं दिख रही है। उसने लोअर कोर्ट के एकपक्षीय स्टे आदेश को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है। बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई। दुकानदारों के अधिवक्ता ने कोर्ट से समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को तय हुई है। स्टे की अवधि 27 जनवरी तक बढ़ जाने के कारण पालिका यहां कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगी।
राम-रहीम पुल के पास स्थित दुकानों में से 27 दुकानदारों ने अधिवक्ता हर्ष गुप्ता के माध्यम से कोर्ट में वाद दायर किया था। जिसमें उनका आरोप था कि नगर पालिका द्वारा उनकी दुकानों को जबरन किसी भी समय ध्वस्त किया जा सकता है और नगर पालिका का यह कार्य गैर कानूनी है। वह पिछले 40-45 वर्षों से नगर पालिका के किरायेदार हैं और उनके पास रसीद, बिजली का बिल सहित सारे दस्तावेज हैं। नगर पालिका दुकानों से गैरकानूनी तरीके से उन्हें बेदखल करना चाहती है। जबकि उनके पूर्वज लगभग 40 वर्षों से यहां विधिक रूप से काबिज हैं।
मांग की है कि उन्हें बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए बेदखल न किया जाए। कोर्ट ने 15 जनवरी तक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए स्टे आर्डर जारी किया था। इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका ने अपने अधिवक्ता संदीप सक्सेना के माध्यम से सेशन कोर्ट में लोअर कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इस पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दुकानदारों के अधिवक्ता ने समय की मांग की। जिस पर कोर्ट ने उनके प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 27 जनवरी की तारीख तय कर दी है। अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने बताया कि स्टे अब 27 जनवरी तक प्रभावी रहेगा।