आलियागंज प्रकरण पर शनिवार को दिन भर मान मनौव्वल का दौर चला लेकिन बात नहीं बनी।
एडीएम, एएसपी की अगुवाई में अफसरों ने तीन लोहिया आवास और मकान बनाने के लिए अलग से जमीन देने प्रस्ताव रखा लेकिन भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने दो टूक कहा कि जब तक प्रशासन आठ लोहिया आवास और सोलह मकान बनाने के लिए जमीन नहीं देता, भूख हड़ताल जारी रहेगी। देर शाम को जहां अफसर बैरंग हुए वहीं भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं की हालत बिगड़ गई है।
एडीएम एमपी सिंह, एएएसपी तारिक मोहम्मद, सिटी मजिस्ट्रेट मदन सिह गर्बियाल, सीओ सिटी आले हसन खां पुलिस फोर्स और तहसील कर्मियों को साथ लेकर धरना स्थल पर पहुंचे थे। भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम से प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता कर भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। अब्दुल सलाम ने तीन मांगे रखीं।
उन्होंने पीड़ित परिवारों को जमीन देने और मकान बनवाने के लिए धनराशि देने के साथ ही शौकतनगर के आगे बनी दीवार को भी तोड़े जाने की मांग की। अफसरों ने उनकी दो मांगों को मानते हुए जमीन की पैमाइश कराकर देने की बात कही। साथ ही पीड़ित परिवारों को तीन लोहिया आवास देने की बात कही। मगर आंदोलनकारी तीन के बजाए आठ लोहिया आवास देने की मांग करने लगे, जिसको प्रशासन ने खारिज कर दिया। इस दौरान सीओ सिटी आले हसन ने भी निजी तौर पर मदद करने का भी भरोसा दिलाया। बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। देर रात तक भूख हड़ताल जारी रही।
इस मौके पर बाबू हाजी, हाजी माजिद, फिरासत, मुस्तफा हुसैन, हाजी असगर, शमशाद हुसैन, हाजी जमील अहमद, शाहिद अली, हाजी जुल्फेकार अली, इमरान पाशा, हाजी अख्तर अली, अनवार बाबू, अहसान, शाहिद हुसैन, मुर्शद पाशा आदि रहे।