आलियागंज में निर्माणाधीन सड़क के बीच में आ रहे पांच मकानों को पुलिस-प्रशासन ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। गांव के लोगों का आरोप है कि पुलिस उन घरों से सामान भी उठा ले गई और इसका विरोध करने वालों के साथ मारपीट भी की गई है। घटना के विरोध में विधायक यूसुफ अली, बसपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सागर व जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम अपने साथियों सहित बेमियादी धरने पर बैठ गए।
आलियागंज में जौहर यूनिवर्सिटी के पास स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए यूनिवर्सिटी रोड से स्पोर्ट्स स्टेडियम तक सड़क बनाई जा रही है। सड़क के बीच में आने वाले मकानों को गिराए जाने की बात कई दिनों से चल रही थी। इसको लेकर जिला प्रशासन व गांव के लोगों को बीच बात भी चल रही थी।
कई बार पुलिस गांव में भी गई थी। बुधवार को दोपहर बाद तहसीलदार सदर अमित कुमार भारती के नेतृत्व में कई अजीमनगर व महिला थाने की पुलिस दो जेेसीबी लेकर आलियागंज गांव पहुंच गई। पुलिस ने सड़क के बीच में आ रहीढ पांच मकानों पर जेसीबी चलवा दिया। जेसीबी से आलियागंज निवासी फिरासत, हाजी सिराज, मेहराज, सरताज व दिलशाद के मकान गिरा दिए।
ये पांचों आपस में सगे भाई है। गांव वालों का आरोप है कि पुलिस हाजी सिराज व फिरासत के घर से सामान भी उठा ले गई। विरोध करने पर पुलिस ने महिलाओं के साथ मारपीट की, जिसमें शाहिदा, शहाना व सलाम घायल हो गई। मकान गिराने की कार्रवाई की बाद पुलिस वापस आ गई।