रामपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रमेश कुशवाहा की अध्यक्षता में तहसील बिलासपुर में वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
सचिव ने राइट टू बर्थ एंड एजुकेशन ऑफ द गर्ल चाइल्ड के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारा समाज पुरुष-प्रधान समाज है, ये पुरुष-प्रधान समाज लड़कियों को जीने नहीं देना चाहता। ये जानते हुए भी कि उनका अस्तित्व भी एक महिला के कारण ही है। फिर भी ये पुरुष समाज केवल पुत्र की ही कामना करता है। हर व्यक्ति को एक मां, एक बहन और एक पत्नी चाहिए, परन्तु बेटी किसी को नहीं चाहिए। देश में लगातार घटती कन्या शिशु-दर को संतुलित करने के लिए ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गई।
सचिव ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण जो बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके हैं, ऐसे बच्चो के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्थाओं का पूरा ख्याल शासन रखेगा। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार बिलासपुर, तकनीकी सहायक, अमीन, लेखपाल तथा ग्रामवासीा आदि उपस्थित रहे। संवाद