गुलदार की दहशत से लोग शाम के बाद घरों से निकलना बंद कर दिए हैं। भोट क्षेत्र में कार सवार ग्रामीण ने रविवार की रात एक बाग के पास गुलदार को देखा था, जो कार की रोशनी से भाग गया था। वहीं, पुलिस ने रात में नवादा गांव में लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने के लिए चेताया था।
सोमवार की सुबह वन विभाग के कर्मचारियों ने क्षेत्र में कांबिंग करके गुलदार को खोजा, मगर वह नहीं मिल सका। वहीं, घायल निहालउद्दीन की हालत खराब होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। तीन दिन पहले गुलदार ने भोट थाना क्षेत्र के धनुपुरा गांव के जंगल में हमला करके ग्राम निवासी निहालउद्दीन, शाहिद व जुम्मा को घायल कर दिया था।
वन विभाग के अधिकारियों ने कर्मियों के साथ गुलदार को खोजने के लिए रविवार को भी जगल में कांबिंग की थी, मगर वह किसी के हत्थे नहीं आया था। रविवार की रात करीब दस बजे ग्राम भोट निवासी सगीर अहमद ने पुलिस को सूचना दी कि वह कार से नवादा गांव से घर लौट रहा था।
नवादा गांव से दूर एक बाग के पास रोड पर खड़े किसी जानवर को दूर से देखा। उसने कार रोक ली थी, मगर काफी देर तक रोड से नहीं हटा था। बाद में कार की लाइटों के डिपर मारने पर वह भाग गया। उसने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को भी घटना बताई।
सोमवार की सुबह वनकर्मियों ने करीब एक घंटा जंगल में कांबिंग कर गुलदार को तलाश किया, मगर वह नहीं मिल सका। ग्रामीणों में गुलदार को लेकर दहशत बरकरार है। उधर, घायल निहालउद्दीन के परिजनों ने बताया कि सुबह तकलीफ ज्यादा होने पर घायल को जिला अस्पताल ले जाकर दिखाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है। इससे सभी ग्रामीण परेशान हैं। यही, वजह है कि लोग अभी भी खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।