रामपुर। नगर निवासी एक कारोबारी द्वारा पुलिस पर झूठे मुकदमे में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए की गई शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। मामले की जांच डीआईजी मुरादाबाद द्वारा की जा रही है। जिसमें पुलिस कर्मियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। कृष्णा विहार ज्वालानगर निवासी संजीव गुप्ता ने शासन से लेकर कई उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि चार अप्रैल 2021 की रात 11.30 बजे एसओजी प्रभारी पुलिस टीम के साथ उनके घर आए और उन्हें जबरन घर से ले गए और एक पुलिस अधिकारी के ऑफिस लेकर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने आफिस में उनके साथ मारपीट की और मोबाइल जब्त कर 10 लाख रुपये की मांग की। रुपये न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
जान बचाने के लिए उन्होंने परिजनों से 10 लाख रुपये मंगवाकर दे दिए। इसके बाद भी उन्हें आबकारी अधिनियम और पुलिस के साथ मुठभेड़ के एक झूठे मुकदमे में फंसा दिया। इस मुकदमे में कुछ और लोग भी शामिल दिखाए गए। कारोबारी ने शिकायत के साथ कुछ साक्ष्य भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए। इसके आधार पर डीआइजी ने जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में 14 पुलिस कर्मियों को बयान के लिए भी तलब किया है।