छठ पर्व पर बुधवार को व्रती महिलाओं ने उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देकर पुत्र कल्याण के साथ सुख और शांति की कामना की। इसके साथ ही छठ पूजा का उत्सव संपन्न हो गया। इस दौरान मंगल गीत गाकर व्रतियों ने सूर्यदेव को प्रसाद चढ़ाए। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय रहा। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।
छठ पूजा के चौथे दिन बुधवार की सुबह व्रती महिलाएं, बच्चे और पुरुष छठ मैया की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों व घाटों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। छठ मैया के मंगल गीत गाते बजाते और ढोल नगाड़ों की धुन पर महिलाएं व पुरुष जत्थे मंदिरों में पहुंचे। ज्वाला नगर के कृष्णा मंदिर में छठ पूजा की धूम मची रही।
यहां पर घाट बनाए गए थे। साथ ही यहां हर तरफ पूजा का माहौल था। छठ मैया के गीतों के बीच महिलाएं सजीधजीं हुईं पूजा-अर्चना कर रहीं थीं। इस दौरान उगते हुए सूर्य को महिलाओं ने अर्घ्य दिया। साथ ही पुत्रों के साथ ही परिवार के सुख शांति की कामना की। पूजा-अर्चना का सिलसिला सुबह तक जारी रहा।
कृष्णा विहार मंदिर के साथ ही राम मनोहर लोहिया पार्क,रजा टेक्सटाइल्स का मैदान, रेलवे कालोनी, रामनाथ कालोनी समेत अन्य इलाकों में छठ पूजा की धूम मची रही। इसके साथ ही छठ पूजा का उत्सव संपन्न हो गया। वहीं, बिलासपुर में बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूजा सम्पन्न हो गया।
बिहार और पूर्वांचल से जुड़े तमाम श्रद्धालु भजन करते हुए सिर पर पूजा की डलिया रखकर नगर की भाखड़ा डैम पर पहुंचे। महिलाओं ने नदी में प्रवेश करके कमर कमर पानी में खड़े होकर उदय होते सूर्य को अर्घ्य दिया और पूजा-अर्चना की। इस मौके पर छठ मैया के गीत भी गाए गए।