सिविल लाइंस क्षेत्र में कुट्टू के आटे का नमूना भरते एफडीए के अधिकारी।
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कुट्टू का आटा खाने से डीएम की हालत बिगड़ने पर छापेमार अभियान पर निकली एफडीए की टीम को पूरे दिन में सिर्फ एक दुकान पर कुट्टू की आटा मिला। नवरात्र के दिनों में भी दुकानों पर विभाग को कुट्टू का आटा नहीं मिला, इससे समझा जा सकता है कि किस तरह की छापेमारी गई है। छुट्टी के दिन छापेमारी करने उतरी विभाग की टीम का दावा है कि एक दर्जन से ज्यादा दुकानें खंगाली, लेकिन महज एक दुकान पर ही कुट्टू का आटा मिला। फिलहाल टीम सिर्फ एक सैंपल भरकर ही वापस लौट गई। उनका कहना है कि सोमवार को फिर अभियान चलेगा।
नवरात्र शुरू हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मिलावट के खिलाफ अभियान नहीं चला। शनिवार को कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने के बाद डीएम और उनकी पत्नी की हालत बिगड़ी तो खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम हरकत में आ गई। आलाधिकारी की हालत बिगड़ने पर रविवार को छुट्टी के दिन भी छापेमारी करनी पड़ी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इतनी सक्रियता से छापेमारी की दिनभर में उन्हें सिर्फ एक दुकान परकुट्टू का आटा मिला, जबकि नवरात्र चल रहे हैं।
इन दिनों में लगभग हर दुकानों पर इसकी बिक्री होती है। दोपहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम निरीक्षक विजेंद्र सिंह और अरविंद कुमार के नेतृत्व में सिविल लाइंस क्षेत्र पहुंची। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित सीताराम जनरल स्टोर पर छापा मारा। कुट्टू के आटे की सैंपलिंग की। इसके बाद टीम ने गुरुद्वारा रोड की छह दुकानों, ज्वालानगर में आगापुर रोड स्थित दुकानों पर भी छापेमारी की। मजे की बात किसी भी दुकान पर अफसरों को कुट्टू का आटा नहीं मिला।
टीम पूरे दिन में सिर्फ एक सैंपल लेकर वापस लौट गई। विभाग के अभिहित अधिकारी डा. मन लाल के मुताबिक एक ही दुकान से कुट्टू के आटे का सैंपल लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को ज्वालानगर में जब कुट्टू का आटा नहीं मिला तो दो दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जारी लाइसेंस ही चेक कर लिया। आगापुर रोड स्थित दो दुकानदार योगेश कुमार और राकेश के पास लाइसेंस ही नहीं था। फूड इंसपेक्टर विजेंद्र सिंह के मुताबिक अब इन दोनों को लाइसेंस बनवाने के लिए आदेश दिए जाएंगे। इसके लिए नोटिस भी जारी किया जाएगा। साथ ही चालान भी होगा।
भले ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बाजार में कुट्टू का आटा नहीं मिला। हकीकत ये है कि रामपुर की बाजार में मिलावटी कुट्टू के आटे की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। नवरात्र में कुट्टू के आटे का सेवन फलाहार के रूप में किया जाता है। मिलावटखोर चंद सिक्कों के मुनाफे में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। बाजर में ब्रांडेड कंपनियों के साथ ही खुले में भी कुट्टू के आटे की बिक्री की जा रही है। कई दुकानदारों ने अपने घर में ही पैकिंग कर आटे की बिक्री शुरू कर दी है। ये बात अलग है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बाजार में कुट्टू का आटा नहीं दिख रहा है।