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गर्मी में अफसरों के सामने मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती

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गर्मी में अफसरों के सामने मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती
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तीन बार के लोकसभा चुनाव से लगातार बढ़ रहा है मतदान प्रतिशत
पिछले लोकसभा चुनाव में करीब 63.17 फीसद तक हुई थी वोटिंग
रामपुर। सूरज की तपिश के साथ ही इस बार अफसरों के सामने लोकसभा उपचुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती है। चूंकि, किसान भी धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने में जुटे हैं। ऐसे में अफसरों को भी इस बात का आभास है। लिहाजा, लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आंकड़ों को देखा जाए तो पिछले तीन लोकसभा चुनावों से मतदान प्रतिशत में इजाफा हो रहा है।
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लोकसभा उपचुनाव के मद्देनजर रामपुर में 23 जून को मतदान होगा। ऐसे में प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार तो अफसरों ने भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। पिछले तीन बार के लोकसभा चुनावों की बात की जाए तो रामपुर में मतदाताओं का रूझान वोट डालने के प्रति लगातार बढ़ा है। 2009 के लोकसभा चुनावों में जहां रामपुर में 52.23 प्रतिशत मतदान हुआ था। 11.54 लाख मतदाताओं में से 606177 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत में खूब इजाफा हुआ। 16.16 लाख मतदाताओं में से 956389 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 59.15 फीसद वोट पड़े थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में रामपुर में 63.17 फीसद मतदाताओं ने मतदान किया था। जिले में 16.79 लाख मतदाताओं में से 10.62 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। ऐसे में पिछले तीन साल से मतदान प्रतिशत में इजाफा हो रहा था। वहीं, उपचुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अफसरों के सामने एक नई चुनौती आएगी। दरअसल, इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। दोपहर के समय तो आलम यह होता है कि लू के थपेड़ों के बीच लोगों का घरों से निकलना भी कम ही हो पाता है। ऐसे में इस बार सूरज की तपिश के चलते मतदान प्रतिशत बढ़ाना अफसरों के लिए चुनौती बना हुआ है। वहीं, आगामी कुछ दिनों में गांवों में किसान धान की रोपाई का काम शुरू कर देंगे। ऐसे में कृषि कार्यों की वजह से किसान व्यस्त रहेंगे। लिहाजा, उपचुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाना अफसरों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा।
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