रामपुर। पावर कारपोरेशन प्रबंधन पर दमनकारी रवैये का आरोप लगाते हुए बिजली विभाग के अभियंता संघ ने समीक्षा बैठक का बहिष्कार कर विरोध सभा कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। रवैया न सुधारने पर आरपार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ पूरे प्रदेश में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन के विरोध में आंदोलनरत है। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने विरोध सभा हुई। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि विगत दिनों उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 23 जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं को बिना कारण बताए सुदूर पूर्वांचल और कुछ अन्य वितरण निगम में स्थानांतरित कर दिया है। विद्युत अभियंता संघ की यह स्पष्ट राय है कि अस्थायी बिजली संयोजन देने में यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और अनियमितता के दोषियों पर तदनुसार कार्यवाही की जानी चाहिए। बिना जांच पूरी हुए बड़े पैमाने पर अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों को सुदूर स्थानांतरित किया जाना स्पष्टतया उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है। चेतावनी दी कि यदि पश्चिमांचल में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के फलस्वरूप किसी भी अभियंता का उत्पीड़न किया गया तो प्रदेश के तमाम बिजली अभियन्ता मूकदर्शक नहीं रहेंगे और सीधी कार्रवाई करने हेतु बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। सभा में पुन: प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से अपील की कि वे तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करें। जिससे पावर कारपोरेशन के प्रबंधन के अलोकतांत्रिक तानाशाही, हठवादी रवैये पर अंकुश लग सके। विरोध सभा में आशीष सिंह ,विशाल मलिक ,रवि गुप्ता , इमरान खान , नरेश कुमार आदि ने विरोध सभा को संबोधित किया।