रामपुर। शहर में छह माह पहले तीन स्थानों पर धंसी सीवर लाइन फिलहाल दुरुस्त नहीं हो सकेगी। दरअसल, जल निगम की ओर से शासन को भेजे गए 25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव के बाद जल निगम मुख्यालय से सर्वे के लिए टीम आई थी। टीम ने फिलहाल प्रोजेक्ट को होल्ड पर डाल दिया है। धनाभाव के कारण और उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद अब जल निगम ने सीवर लाइन बंद कर दी है। फिलहाल, सीवर लाइन अस्थायी रूप से बंद की गई है। ऐसे में सौ करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट जनता के लिए बेमकसद साबित हो रहा है।
सपा सरकार में सीवर लाइन के प्रोजेक्ट पर काम हुआ था। शहर के दो जोनों में सीवर लाइन डाली गई थी, इसके बाद उम्मीद थी कि लोगों को अब गंदगी से निजात मिल जाएगी। किंतु, सौ करोड़ रुपये का सीवर प्रोजेक्ट लोगों के लिए सुविधा की जगह मुसीबत बन गया। दरअसल, शहर में सीवर लाइन धंसने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। कभी जिला अस्पताल के पास तो कभी पहाड़ी गेट के पास सीवर लाइन धंस जाती है। सितंबर माह में जिला अस्पताल के पास सीवर लाइन धंस गई थी, जबकि इससे पहले पहाड़ी गेट के पास नई बस्ती में सीवर लाइन धंस गई थी। इसके अलावा नालापार के पास भी सीवर लाइन धंस गई थी। हालांकि, जल निगम की ओर से सीवर लाइन की वैकल्पिक मरम्मत करा दी थी, लेकिन स्थायी मरम्मत के लिए व्यापक स्तर पर काम होना था। इसके लिए अक्तूबर माह में जल निगम की ओर से 24.93 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया गया था। ताकि, सीवर लाइन को दुरुस्त किया जा सके।
शासन ने जल निगम के प्रस्ताव पर कुछ आपत्तियां लगाई थीं जिसमें सीवर लाइन के कार्य के वक्त का हैंडओवर लेटर व कई तकनीकी पेंच शामिल थे। पिछले सप्ताह शासन की एक टीम भी सीवर लाइन प्रोजेक्ट का सर्वे करने के लिए रामपुर आई थी, जिसके बाद टीम ने धनाभाव के चलते प्रोजेक्ट को होल्ड पर डालने के लिए कहा था। अब जल निगम की ओर से सीवर लाइन को बंद कर दिया गया है। ऐसे में सौ करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी समस्या जस की तस है।