पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश एवं रामनगर बैराज से कोसी नदी में 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पसियापुरा-चांदपुर के ग्रामीणों द्वारा बनाया गया लकड़ी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके बाद चेते प्रशासन ने ग्रामीणों को आवागमन के लिए एक नाव मुहैया करा दी है।
तहसील क्षेत्र के गांव पसियापुरा-चांदपुर प्रत्येक वर्ष बरसात के दिनों में कोसी नदी पसियापुरा-चांदपुर गांव को कोसी अपनी दो धाराओं के बीच में लेकर बहने लगती है। इससे किसानों को फसलों को काफी नुकसान होता है।
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प्रशासन ने पसियापुरा के ग्रामीणों को बसाने के लिये गांव खेमपुर के नजदीक एक हेक्टेयर जमीन दी थी। इस पर काफी संख्या में ग्रामीणों ने अपने मकान भी बना लिए हैं। इसके बावजूद खासी तादात में ग्रामीण पसियापुरा-चांदपुर में रह रहे हैं। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश और रामनगर बैराज से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रविवार को ग्रामीणों द्वारा बनाया गया लकड़ी के पुल के क्षतिग्रस्त हो गया था।
इससे ग्रामीणोें का तहसील मुख्यालय सहित जिला मुख्यालय से संपर्क कटने पर प्रशासन ने देर शाम गढ़मुक्तेश्वर से एक नाव ग्रामीणों के आवागमन के लिए नदी में उतार दी। सोमवार को पसियापुरा-चांदपुर के ग्रामीणों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने नाव से आवागमन किया। एसडीएम अभय गुप्ता ने बताया कि ग्रामीणों के आवागमन के लिये एक नाव गढ़मुक्तेश्वर से मंगाकर दी गई है।