रामपुर। बैसाखी पर गुरुद्वारा श्रीगुुरु सिंह सभा में सजाए गए भारी दीवान में रागी जत्थों ने सबद कीर्तन कर संगत को निहाल कर दिया। वाहे गुरु का खालसा, वाहे गुरु की फतह और जो बोले सो निहाल सतश्री आकाल के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा।
गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा में पिछले चार दिन से बैसाखी पर्व की धूम मची हुई है। बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे अखंड साहिब के पाठ की समाप्ति हुई। इस मौके पर रागी जत्थों ने सबद कीर्तन किया। दोपहर को गुरुद्वारे में भारी दीवान सजाया गया। भव्य रूप से सजे दीवान में श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के सम्मुख शीश नवाकर आशीष लिया। भारी दीवान में बाहर से आए रागी जत्थों से सबद-कीर्तन किया। नानकसर से आए बाबा जगतार सिंह ने सिख गुरुओं की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बिना अमृत पान किए सीख अधूरा है। हर सीख का फर्ज बनता है वह अमृत पान करें। उन्होंने सिख गुरुओं के बताए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। अपने आपको धर्म की रक्षा में लगाने को कहा। शाम चार बजे तक चले दीवान की समाप्ति पर अरदास हुई।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान निर्मल सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गुरुद्वारा कमेटी की ओर से गणमान्य व्यक्तियों को सिरौपे भेंट किए। दोपहर एक बजे से गुुरु का लंगर बरताया गया। जिसमें प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वीर खालसा सेवा समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह, गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सचिव मनमीत सिंह, जसपाल सिंह, अमरजोत सिंह कपूर, हरदेव सिंह, देवेंद्र सिंह, सेवा सिंह, गुलशन अरोड़ा, सुरजीत जुब्बल, मोनू सिंह, बलविंदर कौर, सोनिया, रणजीत कौर, चरण मासी आदि मौजूद रहे। अरदास गुरुद्वारे के ग्रंथी सुरजीत सिंह ने कराई।