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रामपुर: अगर मैंने जुल्म किया होता तो बच्चा पैदा होने से पहले कहता कि आजम खां से पूछ लो

Wed, 30 Nov 2022 02:26 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, रामपुर

सार

आजम खां बोले- मेरे वोट का अधिकार खत्म करना एक टेस्ट है, सरकार यह देखना चाहती है कि देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी को इस अधिकार से वंचित किया जाएगा तो क्या प्रतिक्रिया होगी।
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सपा नेता आजम खां - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सपा नेता आजम खां ने कहा है कि मेरे वोट का अधिकार को समाप्त कर सरकार एक टेस्ट करना चाहती है, तजुर्बा करना चाहती है। सरकार यह देखना चाहती है कि आजम का वोट डालने का अधिकार समाप्त करने के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी को इस अधिकार से वंचित किया जाएगा तो क्या प्रतिक्रिया होगी। अगर इसके लिए तैयार हो तो आसिम राजा (सपा प्रत्याशी) को चाहिए कि वो एलान कर दें कि वो अपनी उम्मीदवारी को वापस लेते हैं। अगर इतनी ही बुजदिल जिंदगी गुजारना चाहते हो तो हमसे अच्छा जानवर है जो रात मे कम से कम अपने लिए खाना तो तलाश कर लेता है।

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आजम खां मंगलवार की रात सपा प्रत्याशी के समर्थन में शुतरखाना चौराहे पर एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि मुझे जेल में रहने की आज कोई तकलीफ नहीं है। वजह यह है कि वह गुजरा हुआ कल था। एक भयानक ख्वाब है, जो गुजर गया। लेकिन जेल जाने की जो वजह थी मैं सोचता था गलत हूं, लेकिन मैं यह कहने आया हूं कि मैं सही था, मैं कल भी सही था और मैं आज भी सही हूं। मैंने कल भी जालिम को अच्छा नहीं कहा था और आज भी अच्छा नहीं कहूंगा। अगर अक्ल होती तो वह लोग जो आज दावा कर रहे हैं कि 35 बरस बाद हमने छोड़ा है क्या उन्हें छोड़ने के काबिल छोड़ देता उन्हें। जो आज हमारे और तुम्हारे साथ हुआ है चार सरकारों में अगर मैंने ऐसा किया होता कसम खाकर कहता हूं बच्चा मां के पेट से पैदा होने से पहले कहता कि पहले आजम खां से पूछ लो।

उन्होंने अपने बेटे की ओर इशारा करके कहा कि अब्दुल्ला आजम बैठा है, नहीं हुआ इसके साथ इंसाफ। कानून यह है मां कहेगी कि बच्चा कब पैदा हुआ तो उसे माना जाएगा, लेकिन हम बदनसीब ऐसे हैं जो इसकी पैदाइश को भी नहीं सही साबित कर सके। हम इसलिए कहना चाहते हैं हम मुजरिम नहीं हैं आपके मुजरिम हो सकते हैं लेकिन अत्याचारी सरकार के मुजरिम नहीं हो सकते। हम जान दे देंगे अपनी नस काट कर ।अगर इतनी बुजदिली की जिदंगी जीना चाहते हो। इस बुजदिली से अच्छी मौत है कम से कम जमाना याद तो रखेगा। मार दो मुझे तुम्हारे हाथ की हुई मौत बड़ी मुबारक होगी। जो पहाड़ हम पर टूटे हैं अगर हिमालय पर टूटे होता तो पिघलकर बह जाता। अगर इस बार कोई गलती हो गई तो सपा प्रत्याशी आसिम राजा के साथ-साथ यह फकीर (आजम) भी मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेगा।
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आठ दिसंबर से अब्दुल के अच्छे दिन की होगी शुरूआत: नवेद मियां
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा कि रामपुर विधानसभा चुनाव पर होने वाले उपचुनाव में जनता आजम खां के जुमलों में नहीं फंसने वाली है। उनके जलसों पर उनकी बातों को सुनकर लोग हंस रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब अब्दुल के अच्छे दिन आने वाले हैं। आठ दिसंबर से अब्दुल के अच्छे दिन की शुरूआत होगी। वह दरी नहीं उठाएगा बल्कि राज करेगा। नवेद मियां ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि आजम खां की हिमायत में जो नेता आ रहे हैं वो उस वक्त कहां थे जब आजम जुल्म कर रहे थे। सपा की सरकार में तो अब्दुल के घर तोड़ दिए। उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया गया। अब्दुल का कारोबार समाप्त हो गया। उसे चरस के झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया। अब अब्दुल चैन से जिंदगी गुजार रहा है तो आजम खां को तकलीफ हो रही है। आजम तो यही चाहते हैं कि अब्दुल उनकी जी हजूरी करता रहे। अब्दुल ने अब ठान लिया है कि वह सिर उठाकर अपनी बात कहेगा, आजम खां की हां में हां नहीं मिलाएगा। उन्होंने कहा है कि उपचुनाव में सपा प्रत्याशी की संभावित हार को देखकर आजम खां बौखला गए हैं। वो अपनी सभा में ऐसी-ऐसी बातें कहने लगे हैं जिन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं कहा जाना चाहिए।
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